Uncategorized सभी प्रतियोगिता परीक्षाओं हेतु

[ad_*] दैनिक समसामयिकी

03 March 2016(Thursday)
1.सेतु भारतम परियोजना का शुभारंभ करेंगे पीएम:- देश में राष्ट्रीय राजमार्गों पर बने रेलवे क्रॉसिंग (समपार) को समाप्त करने के लिए सेतु भारतम परियोजना की शुरुआत की जा रही है। इस परियोजना का शुभारंभ शुक्रवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी करेंगे। इसके तहत देशभर में राष्ट्रीय राजमार्गों पर स्थित 208 रेलवे क्रासिंग को समाप्त कर उनकी जगह रेल अंडरब्रिज या रेल ओवरब्रिज बनाने की पहचान की गई है। इस पर 10200 करोड़ रपए की लागत आने का अनुमान है। इसके अलावा पुराने पुलों की जगह 15 सौ नए पुल बनाए जाएंगे। यह जानकारी केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को पत्रकारों को दी। उन्होंने बताया कि सेतु भारतम परियोजना के तहत तीन वर्ष के भीतर मौजूदा राष्ट्रीय राजमार्गों पर एक भी रेलवे क्रासिंग नहीं होगा। इसके लिए केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने 19 परियोजनाएं तैयार की हैं। इनमें से 65 प्रतिशत परियोजनाओं की निविदा जारी होने वाली हैं और एक-दो महीने के भीतर 80 प्रतिशत परियोजनाओं की निविदा जारी कर दी जाएंगी।

2. अगले साल 7.5 फीसदी रहेगी भारत की विकास दर : आईएमएफ:- अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने चालू वित्त वर्ष में भारत की विकास दर 7.3 फीसदी रहने का अनुमान जताया है। अगले साल विकास दर 7.5 फीसदी तक पहुंच सकती है। आईएमएफ का मानना है कि इन्फ्रास्ट्रक्चर में खर्च बढ़ाने, सब्सिडी कम करने और फाइनेंशियल इनक्लूजन समेत कई सकारात्मक नीतिगत कदम उठाए गए हैं। इनसे देश का आर्थिक परिदृश्य बेहतर हुआ है। औद्योगिक गतिविधियां, बाजार धारणा एवं घरेलू मांग मजबूत होने तथा निजी निवेश बढ़ने से अर्थव्यवस्था में सुधार की उम्मीद है। गौरतलब है कि सरकार ने इस साल 7.6 फीसदी और रिजर्व बैंक ने 7.4 फीसदी विकास दर का अनुमान जताया है। आईएमएफ ने सरकारी बैंकों की बैलेंस शीट सुधारने के लिए नए प्रावधानों को भी सकारात्मक कदम बताया है। रिजर्व बैंक महंगाई दर छह प्रतिशत से कम रखने में सफल रहा है। कच्चे तेल की कम कीमतों से राजकोषीय घाटे को भी नियंत्रित रखने में मदद मिली है। सस्ते तेल से लोगों की वास्तविक कमाई बढ़ी है। भारत ने 2015 में बड़े पैमाने पर प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) आकर्षित किया है। मार्च 2014 से दिसंबर 2015 के बीच विदेशी मुद्रा भंडार भी 46.7 अरब डॉलर बढ़कर 350.4 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। अंतरराष्ट्रीय कारकों का हवाला देते हुए आईएमएफ ने कहा कि कोई भी देश इस उथल-पुथल भरे परिदृश्य में आंतरिक एवं बाहरी झटकों से अप्रभावित नहीं रह सकता है। बैंकों के बढ़े फंसे कर्ज (एनपीए) को भी उसने चिंता का विषय बताया है। आगे महंगाई दर और राजकोषीय घाटा बढ़ने की भी आशंका जताई है। सप्लाई सुधारने पर जोर देते हुए इसने कहा कि ऐसे समय में सरल कारोबारी माहौल महत्वपूर्ण प्राथमिकता होती है। इन क्षेत्रों में सुधार से गरीबी कम करने में मदद मिलेगी।

3. सबको आवास’ की राह आसान:- सबके मकान का सपना पूरा होने की राह को आसान करने के लिए सरकार ने आवासीय निर्माण क्षेत्र को इंफ्रास्ट्रक्चर का दर्जा दिया है। केंद्रीय शहरी विकास मंत्री एम. वेंकैया नायडू ने कहा कि इससे आवासीय क्षेत्र की मुश्किलें आसान हो जाएंगी। कुछ प्रावधानों का जिक्र करते हुए नायडू ने कहा कि हालांकि आम बजट में इसका स्पष्ट एलान नहीं किया गया है। वर्ष 2016-17 के आम बजट में शहरी क्षेत्र को मिली सौगातों के बारे में चर्चा करने के लिए बुलाई प्रेसवार्ता में नायडू ने रायों से आग्रह किया है कि वे शहरी गरीबों की आवासीय योजनाओं के लिए आवंटित धनराशि का जल्दी खर्च करें, ताकि उन्हें और अधिक धन भेजा जा सके। किरायेदारों को जहां आयकर में छूट मिली है तो गरीबों के मकानों को कई तरह के करों से मुक्त रखा गया है। नायडू ने कहा कि आवासीय परियोजनाओं को इंफ्रास्ट्रक्चर की तर्ज कई तरह के करों में छूट की मांग को आम बजट में स्वीकार कर लिया गया है। एक सवाल के जवाब में नायडू ने कहा कि आम बजट कृषि व ग्रामीण क्षेत्र के लिए समर्पित है। लेकिन शहरी विकास को उसका हिस्सा मिल गया है। मंत्रलय को आवंटित धनराशि में 15 फीसद की वृद्धि हुई है। संप्रग सरकार के एक दशक के कार्यकाल के दौरान केवल नौ लाख मकान बनाये जा सके थे, जबकि राजग की डेढ साल की सरकार ने पांच लाख आवास बनाने का लक्ष्य पूरा कर लिया है। सबको मकान उपलब्ध कराने के लिए कुल 16 करोड़ रुपये की जरूरत है, जिसके लिए निजी-सरकारी परियोजनाएं (पीपीपी) शुरू की जाएंगी। इसके लिए एलआईसी निवेश को तैयार है। जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीकरण मिशन में 10 सालों में प्रगति दयनीय रही है।

4. कश्मीर का शांतिपूर्ण हल चाहते हैं अमेरिका-पाक:- अमेरिका और पाकिस्तान ने कश्मीर के मुद्दे का शांतिपूर्ण हल तलाश करने की जरूरत पर जोर देते हुए क्षेत्र में ‘‘सभी पक्षों’ से अपील की है कि वह तनाव कम करने के लिए ‘‘अधिकतम संयम’ बरतें।अमेरिका और पाकिस्तान की छठी रणनीतिक वार्ता संपन्न होने एक दिन बाद दोनों देशों की ओर से जारी संयुक्त बयान में कहा गया, अमेरिका और पाकिस्तान ने कश्मीर समेत सभी लंबित मुद्दों के शांतिपूर्ण हल के लिए सार्थक वार्ता के महत्व पर जोर दिया है। इस वार्ता की सह-अध्यक्षता अमेरिकी विदेशमंत्री जॉन केरी और पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के सलाहकार सरताज अजीज ने की।साझा बयान में कहा गया, प्रतिनिधिमंडलों ने माना है कि क्षेत्र के सभी पक्षों को तनाव कम करने की दिशा में अधिकतम संयम बरतते हुए मिलजुल कर लगातार काम करना चाहिए। बयान में कहा गया, जैश-ए-मोहम्मद के नेता मौलाना मसूद अजहर को हिरासत में लिए जाने समेत पाकिस्तान की ओर से आज तक उठाए गए कदमों पर गौर करते हुए अमेरिका ने प्रधानमंत्री शरीफ के उस वादे की सराहना की, जिसमें उन्होंने पठानकोट एयरबेस पर दो जनवरी 2016 को हुए हमले की जांच पर त्वरित एवं निर्णयात्मक कदम उठाने और इसके साजिशकर्ताओं को न्याय के कटघरे में लाने की बात कही।इस संयुक्त बयान में कहीं भी भारत का जिक्र नहीं था। बयान में अमेरिका ने बहुपक्षीय निर्यात वैश्विक कानूनों के साथ अपने रणनीतिक व्यापार वैश्विक का तालमेल बैठाने के पाकिस्तान के जारी प्रयासों को रेखांकित किया। बयान में कहा गया कि अमेरिका ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ पाकिस्तान के ‘‘अति सक्रि य जुड़ाव’ की भी सराहना की। इसमें उसके द्वारा अपने परमाणु सुरक्षा उत्कृष्टता केंद्र पर आईएईए की प्रशिक्षण गतिविधियों की मेजबानी करना और परमाणु सुरक्षा सम्मेलनों में इसकी सक्रि य भागीदारी शामिल है।अमेरिका वर्ष 2016 के परमाणु सुरक्षा शिखर सम्मेलन में शरीफ की भागीदारी का इंतजार कर रहा है। अमेरिका ने परमाणु सामग्री की भौतिक सुरक्षा से जुड़े समझौते में वर्ष 2005 में किए गए सुधार के पाकिस्तान की ओर से सैद्धांतिक तौर पर किए गए अनुमोदन की सराहना की। साझा बयान के अनुसार, पाकिस्तान ने इस बात की पुष्टि की कि वह विास बनाने और सशस्त्र संघर्ष से जुड़े जोखिम को कम करने वाले उपाय अपनाने के लिए प्रतिबद्ध है।दोनों पक्षों ने दक्षिण एशिया में रणनीतिक स्थिरता और ज्यादा पारदर्शिता लाने में अपने साझे हित को रेखांकित किया। दोनों पक्ष मई 2016 में होने वाली सुरक्षा, रणनीतिक स्थिरता एवं अप्रसार कार्य समूह की बैठक का इंतजार कर रहे हैं। रणनीतिक वार्ता के दौरान दोनों देशों ने सभी आतंकियों को बिना किसी अंतर के निशाना बनाते हुए आतंकवाद से निपटने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।

5. ऊंचा बैंक एनपीए गंभीर गड़बड़ी की तरफ इशारा:- केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के निदेशक अनिल सिन्हा ने बृहस्पतिवार को बैंकों में एनपीए (अवरुद्ध ऋणों) के अनुपात में वृद्धि के बारे में कहा कि ‘‘कहीं बहुत गंभीर गड़बड़ी है।’उन्होंने इस बात का जिक्र किया कि 2009 में बैंकों का एनपीए 44,957 करोड़ रपए था, जो 2015 में बढ़कर तीन लाख करोड़ रपए पर पहुंच गया है और इस तरह एनपीए कुल अग्रिम के दो प्रतिशत से 4.36 प्रतिशत पर पहुंच गया है। सिन्हा ने कहा कि बैंकों और वित्तीय पण्राली में संकट गहरा है। उन्होंने कहा कि बैंकों द्वारा इस तरह के मामले में देरी से कदम उठाने की वजह से ऋण न चुकाने वालों को ‘‘धन के साथ निकल जाने का मौका मिला।’यहां सीबीआई और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन के सातवें सम्मेलन को संबोधित करते हुए सिन्हा ने कहा कि पिछले छह साल मे सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का सकल एनपीए 44,957 करोड़ रपए से बढ़कर तीन लाख करोड़ रपए पर पहुंच गया है। इस दौरान एनपीए कुल अग्रिम के दो प्रतिशत से 4.36 प्रतिशत हो गया है।’ इसमें वह भारी राशि शामिल नहीं है जो पुनर्गठन के तहत खातों में फंसी हुई है।सीबीआई प्रमुख ने कहा कि जनता में इसका लेकर काफी बेचैनी है। बैंक खुदरा ऋण लेने वालों के प्रति सख्ती बरतते हैं पर बड़ा कर्ज लेने वाले और धोखाधड़ी करने वाले अपराध के फल का आनंद ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि बैंक धोखाधड़ी और वित्तीय अपराधों की संख्या में भी तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। 2015 में सीबीआई ने 171 ऐसे मामलों की जांच की है। इन मामलों में कुल राशि 20,646 करोड़ रपए की राशि शामिल थी।उन्होंने कहा, ‘‘निश्चित रूप से कुछ गंभीर गड़बड़ी है। मैं इस बात को समझता हूं कि ऋण का डिफाल्ट कारोबारी जोखिम और कई बार बैंक, कर्ज लेने वाले और नियामकों के नियंतण्रके बाहर की चीज की वजह से होता है। इसके बावजूद एक डिफाल्ट का एक बड़ा हिस्सा जानबूझकर ऋण न चुकाने या धोखाधड़ी के मामलों में आता है। गंभीर चिंता की बात यह है कि एनपीए और धोखाधड़ी का एक बड़ा हिस्सा बड़े खातों से जुड़ा है।’उन्होंने कहा कि यह पूरी प्रक्रि या इतना समय लेने वाली है कि इससे ऋण लेने वाले को धन के साथ जाने का पर्याप्त समय मिल जाता है। सिन्हा ने कहा कि इस तरह की राशि का एक बड़ा हिस्सा हवाला और अन्य गैरकानूनी चैनलों से कर पनाहगाह देशों में चला जाता है।

6. सबसे अमीर बिल गेट्स, अंबानी 36वें स्थान पर, सूची में पांच भारतीय महिलाएं भी:- 75 अरब डॉलर की कुल संपत्ति के साथ माइक्रोसॉफ्ट के सहसंस्थापक बिल गेट्स ने दुनिया के सबसे दौलतमंद व्यक्ति का तमगा बनाए रखा है। फोर्ब्स पत्रिका ने वर्ष 2016 के अरबपतियों की वार्षिक सूची में 84 भारतीयों को स्थान दिया है जिसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज के मुखिया मुकेश अंबानी 36वें स्थान के साथ शीर्ष पर हैं। सूची में सबसे धनी महिला के रूप में लोरेल की लिलिएन बेटनकोर्ट हैं जिन्हें 11वां स्थान मिला है।फोर्ब्स की इस वर्ष की सूची में 1810 अरबपति हैं। इस साल की सूची में 190 महिला अरबपतियों को शामिल किया है। यह संख्या 2015 में 197 थी। बिल गेट्स लगातार तीसरे साल इस सूची में पहले स्थान पर हैं। बीते 22 साल में वह 17वीं बार इस सूची में पहले पायदान पर रहे हैं, उनकी कुल संपत्ति में 4.2 अरब डॉलर की गिरावट के बावजूद गेट्स ने पहला स्थान हासिल किया। सूची में स्पेन के अरबपति एमानसियो ओर्टेगा दूसरे पायदान पर हैं। तीसरे नंबर पर बर्कशायर हैथवे के सीईओ वॉरेन बफे हैं। मेक्सिको केकालरेस स्लिम चौथे तथा अमेजन के सीईओ जेफ बेजोस को पांचवां स्थान मिला है।इस सूची के अनुसार मुकेश अंबानी भारत के सबसे धनी व्यक्ति बने हुए हैं। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के कारण उनकी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर प्रभावित हुए हैं। पत्रिका ने मुकेश अंबानी को 20.6 अरब डॉलर (करीब एक लाख 39 हजार करोड़ रपए) की कुल पूंजी के साथ सूची में 36वें स्थान पर रखा है। भारत के जिन 84 दौलतमंदों ने इस सूची में जगह बनाई है उनमें दिलीप सांघवी 44वें, विप्रो के चेयरमैन अजीम प्रेमजी 55वें, एचसीएल के सह-संस्थापक शिव नाडर 88वें स्थान पर हैं। इसके अलावा लक्ष्मी निवास मित्तल, गौतम अडानी, सावित्री जिंदल और एनआर नारायणमूर्ति भी इस सूची में शामिल हैं। दुनिया के सबसे धनी या अरबपतियों की कुल संख्या के लिहाज से महिलाओं का हिस्सा बहुत ही कम यानी 10 फीसद से थोड़ा अधिक है। वैसे इस सूची में शामिल महिलाओं में पांच भारतीय भी हैं। इनमें सावित्री जिंदल व परिवार को 453वें स्थान पर रखा गया है। मीडिया घराने बैनेट, कोलमेन एंड कंपनी की प्रमुख इंदु जैन को नियंतण्र स्तर पर 549वां स्थान दिया गया है। उनकी संपत्ति 3.1 अरब डॉलर आंकी गई है। सूची में पहली बार शामिल स्मिता कृष्णा गोदरेज 810वें स्थान पर, लीना तिवारी 1067वें स्थान पर व विनोद गुप्ता को 1577वें स्थान पर रखा गया है।

Sorce of the News (With Regards):- compile by Dr Sanjan,Dainik Jagran(Rashtriya Sanskaran),Dainik Bhaskar(Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara(Rashtriya Sanskaran) Hindustan dainik(Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times(Hindi& English)

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